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हर धनी इंसान को ये 1 बात हमेशा याद रखना चाहिए
एक संन्यासी अपने शिष्यों के साथ गंगा नदी के तट पर नहाने पहुंचा।
हर धनी इंसान को ये 1 बात हमेशा याद रखना चाहिए
एक समय की बात है बहुत धनी युवक धर्म गुरू के पास गया और पूछा कि कि उसे अपने जीवन में क्या करना चाहिए। धर्म गुरू उस धनी युवक को अपने कमरे की खिड़की तक ले गए और पूछा तुम्हें कांच के उस पार क्या दिख रहा है। उसका जवाब था- सड़क पर लोग आ जा रहे है। और एक बेचारा अंधा व्यक्ति भीख मांग रहा है।
इसके बाद धर्म गुरू ने उसे एक बड़ा सा दर्पण दिखाया और पूछा अब इस दर्पण में देखकर बताओं कि तुम्हें क्या दिख रहा हैं। धनी युवक का जवाब था। इसमें मैं खुद को देख रहा हूं। ठीक है दर्पण में तुम दूसरों को नहीं देख सकते। तुम जानते हो कि खिड़की में लगा कांच और यह दर्पण एक ही मूल पदार्थ से बने है। तुम स्वंय की तुलना कांच के इन दोनों रूप से करके देखों।
जब यह साधारण है कि तो तुम्हें सभी दिखते है और उन्हें देखकर तुम्हारे भीतर करूणा जागती है। और जब इस कांच पर चांदी का लेप हो जाता है तो तुम केवल स्वंय को देखने लगते हो।तुम्हारा जीवन भी तभी महत्वपूर्ण बनेगा जब तुम अपने आंखों पर लगी चांदी की परत को उतार दों। ऐसा करने के बाद ही तुम अपने लोगों को देख पाओगे और उनसे प्रेम कर पाओगे। धनी युवक ने धर्म गुरू की यह बात सुनकर उनके चरण पकड़ लिए।www.panditinindia.com
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हर धनी इंसान को ये 1 बात हमेशा याद रखना चाहिए
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एक समय की बात है बहुत धनी युवक धर्म गुरू के पास गया और पूछा कि कि उसे अपने जीवन में क्या करना चाहिए। धर्म गुरू उस धनी युवक को अपने कमरे की खिड़की तक ले गए और पूछा तुम्हें कांच के उस पार क्या दिख रहा है। उसका जवाब था- सड़क पर लोग आ जा रहे है। और एक बेचारा अंधा व्यक्ति भीख मांग रहा है।
इसके बाद धर्म गुरू ने उसे एक बड़ा सा दर्पण दिखाया और पूछा अब इस दर्पण में देखकर बताओं कि तुम्हें क्या दिख रहा हैं। धनी युवक का जवाब था। इसमें मैं खुद को देख रहा हूं। ठीक है दर्पण में तुम दूसरों को नहीं देख सकते। तुम जानते हो कि खिड़की में लगा कांच और यह दर्पण एक ही मूल पदार्थ से बने है। तुम स्वंय की तुलना कांच के इन दोनों रूप से करके देखों।
जब यह साधारण है कि तो तुम्हें सभी दिखते है और उन्हें देखकर तुम्हारे भीतर करूणा जागती है। और जब इस कांच पर चांदी का लेप हो जाता है तो तुम केवल स्वंय को देखने लगते हो।तुम्हारा जीवन भी तभी महत्वपूर्ण बनेगा जब तुम अपने आंखों पर लगी चांदी की परत को उतार दों। ऐसा करने के बाद ही तुम अपने लोगों को देख पाओगे और उनसे प्रेम कर पाओगे। धनी युवक ने धर्म गुरू की यह बात सुनकर उनके चरण पकड़ लिए।www.panditinindia.com

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